शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कक्षा पहली से पांचवीं के विद्यार्थियों के लिए रामकृष्ण मिशन के अवेकनिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस अवसर पर कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि सामाजिक परिवर्तन शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य है तथा मूल्य और विवेक भौतिक समृद्धि से ज्यादा मूल्यवान है। उन्होंने कहा कि मूल्य आधारित शिक्षा भविष्य की पीढियों के लिए बहुत आवश्यक है।
श्री प्रधान ने कहा कि रामकृष्ण मिशन की शिक्षा के संबंध में समृद्ध परम्परा रही है और अब जब सरकार नई शिक्षा नीति को लागू कर रही है तब उसे नौवीं और 12वीं कक्षा के लिए भी मूल्य आधारित शैक्षिक कार्यक्रम तैयार करने चाहिए। रामकृष्ण मिशन पहली से आठवीं कक्षा तक शैक्षिक कार्यक्रम तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह अनूठी पहल बालक का समग्र व्यक्तित्व विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम है।
श्री प्रधान ने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 21वीं शताब्दी के नागरिकों को वैश्विक जिम्मेदारियों के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता है और नई शिक्षा नीति इस दिशा में एक कदम है। केंद्रीय मंत्री ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से एक परामर्श समूह गठित करने को कहा जो सभी स्कूलों में बालवाटिका से 12वीं कक्षा तक मूल्य आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन देगा, जिससे चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रतिभाएं तैयार की जा सकें।

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