महिलाओ के लिए प्रेरणा बन कर उभरी राजेश्वरी शर्मा। उनका राजनीतिक सफर सन 1995 से शुरू हुआ जब नया पंचायतीराज एक्ट लागू हुआ और त्रिसतरीय पंचायतीराज के चुनाव हुए तो कांग्रेस से टिकट न मिलने के कारण जिला परिषद वार्ड बाग पशोग की जनता ने राजेश्वरी शर्मा को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मे उतार कर भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों को चुनाव हराकर राजेश्वरी शर्मा को जिताकर जिला परिषद सिरमौर मे भेज दिया ।जितने के बाद राजेश्वरी शर्मा ने कांग्रेस को ही समर्थन देकर जिला परिषद सिरमौर का उपाध्यक्ष पद हासिल किया। कांग्रेस की सरकार थी।राजेश्वरी शर्मा ने विकास के कार्य और व्यक्तिगत कार्यो पर बहुत जोर शोर से काम किया मुख्य मन्त्री ,सासंद व मन्त्रियों से मुलाक़ात कर अपने चुनाव क्षेत्र के विकास के लिए बजट का प्रावधान किया और गांव को सम्पर्क मार्ग से जोड़ने पर अधिक ध्यान दिया,स्कुल अपग्रेड करवाये गये ,पीने के पानी और सिचाई के लिए टेकों का निर्माण कार्य किए गए।
अधुरे पड़े सभी विकास कार्य पूर्ण करने का प्रयास किया और पांच साल कार्य काल पुरा हो गया। फिर पंचायतीराज के चुनाव हुए तो बाग पशोग वार्ड जर्नल लोंगों के लिए हो गया और बाग पशोग वार्ड की प्रबुद्ध जनता ने राजेश्वरी शर्मा के कार्य को देखते हुए उसे एक बार फिर जिला परिषद वार्ड बाग पशोग 14 से चुनाव मे उतार दिया और सामने छः प्रत्याशी चुनाव मे पुरुष उतर गए जिसमे मुख्य भाजपा के दिग्गज बलदेव सिंह भंडारी थे भाजपा की सरकार थी फिर भी बाग पशोग 14 वार्ड की प्रबुद्ध जनता ने राजेश्वरी शर्मा को चुनाव मे जीत दिलवाकर जिला परिषद सिरमौर मे चुन कर भेज दिया। विकास की गति फिर और तेज हुई और सासंद धनी राम शांडिल के सहयोग से ग्रामीण सड़को को मुख्य मार्ग से जोड़ने का अभियान शुरू हुआ और लगभग दो करोड़ रुपए सासंद निधि से पचछाद मे विकास कार्य पर खर्च किए गए जिसमे सम्पर्क मार्ग, सिचाई टेक,सिचाई कुल,पक्के रास्ते, स्कुल भवन,महिला मंडल भवन और सामुदायिक भवन आदि बहुत विकास कार्य किए गए। और बाकि विकास कार्यो के लिए जिला परिषद से बजट उपलब्ध कराया गया।आज पचछाद मे जो भी सम्पर्क मार्ग है उसमे आधे से ज्यादा तो राजेश्वरी शर्मा के प्रयास से पुरे हुए है। सरांहा डिग्री कॉलेज व सब डिविजन खोलने के लिए बहुत प्रयास किया।अपने जिला परिषद वार्ड की मुख्य सड़क मार्ग मड़ीघाट सुल्तानपुर को पीएम जी एस वाई मे स्वीकृत करवाया।
जितने भी कर्मचारी राजनीतिक द्वेष से दुर दुर बाहर भेजे गए थे वापस अपने क्षेत्र मे लाया गया।और सबसे बड़ा काम राजेश्वरी शर्मा ने गरीब ,विधवा महिलाओ के लिए किया जिनके पास कोई आमदनी ,रोजगार का साधन नही था उन लगभग 65/68 गरीब लोंगों को सरकारी स्कूलो मे माननीय मुख्य मन्त्री स्व वीर भद्र सिंह जी के आशीर्वाद से जल वाहक के पद पर लगवाया गया जो सब अब रेगुलर भी हो चुके होंगे। इन सब गरीबों के आशीर्वाद से राजेश्वरी शर्मा को समाज मे उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए, समाज सेवा के लिए हिमाचल प्रदेश कला संगम सिरमौर द्वारा डा0 यशवंत सिंह परमार सम्मान से सम्मानित किया गया। किसी पद पर न होकर भी राजेश्वरी शर्मा सामाजिक कार्य मे जुड़ी रही।और 2021 पंचायतीराज चुनाव मे जनता ने फिर ग्राम पंचायत बाग पशोग से प्रधान पद के लिए उतार दिया और भाजपा तथा कांग्रेस के प्रत्याशियों को हराकर प्रधान पद के लिए चुन कर भेज दिया।भाजपा की सरकार थी फिर भी बाग पशोग पंचायत की जनता ने सत्ता को नकार कर राजेश्वरी शर्मा को प्रधान पद पर आसीन करवाया।और फिर छुटे हुए विकास कार्य शुरू करने का सिलसिला चल पड़ा। पंचायत मे बहुत विकास हो रहा है इन सब काम को देखकर हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजेश्वरी शर्मा का चयन स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023के लिए किया और राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान भवन नई दिल्ली मे हिमाचल प्रदेश की चुनी हुई छः महिलाओ को सम्मानित किया गया। पिछ्ले 27/28 वर्षो मे राजेश्वरी शर्मा को प्रदेश सरकार मे कई कमेटीयो मे काम करने का अवसर मिला जैसे नॉर्दर्न रेलवे कमेटी, प्रदेश टेलीकॉम एडवायजरी कमेटी, प्रदेश शिक्षा एवम संस्कृति सलाहकार बोर्ड, प्रदेश ब्राह्मण कल्याण बोर्ड, नवोदय विद्यालय मैनेजिंग कमेटी और केंद्रीय कारागार सुधार कमेटी। इसके साथ कांग्रेस पार्टी मे भी सक्रिय रूप से कार्य करते हुए पिछले दस वर्ष से प्रदेश महिला कांग्रेस मे सचिव के पद पर कार्यरत है और मीडिया ओर शोशल मीडिया कांग्रेस चुनाव कमेटी की सदस्य भी है।जबकि पिछली बार महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष के पाचं महिलाओ के पैनल मे राजेश्वरी शर्मा का नाम भी अध्यक्ष पद के लिए दिल्ली हाईकमान को भेजा गया था लेकिन अध्यक्ष का चयन पैनल से बाहर किसी और महिला का हो गया जो अभी प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष है। जितना समय राजेश्वरी शर्मा ने जन सेवा के लिए निकाला उतना समय एक घरेलू महिला के लिए निकालना बहुत मुश्किल होता है लेकिन इस के जज्बे और लग्न, हिम्मत को सलाम।


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