संगड़ाह पंचायत समिति अध्यक्ष के चुनाव में सरेआम लोकतंत्र की हत्या हुई: मेला राम शर्मा

 


सिरमौर जिला के संगड़ाह पंचायत समिति अध्यक्ष के चुनाव में आज सरेआम उस समय लोकतंत्र की हत्या हुई जब सत्तारूढ़ दल ने जबरन पंचायत समिति सदस्यों से वोट डलवा कर मात्र एक मत से पंचायत समिति का अध्यक्ष हतिया लिया। सत्तारूढ़ दल पर दबाव और गुंडागर्दी की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पंचायत समिति के निवर्तमान अध्यक्ष मेला राम शर्मा ने कहा की लगभग 1 महीने से अपने साथ 12 सदस्यों का दावा करने वाला सत्तारूढ़ दल उस समय शर्मसार हो गया जब पंचायत समिति अध्यक्ष के चुनाव में उन्हें मात्र एक मत से जीत हासिल हुई। यहां बता दें कि पंचायत समिति अध्यक्ष के चुनाव में सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशी तेजेंद्र कमल को 9 मत मिले जबकि निवर्तमान अध्यक्ष मेला राम शर्मा को 8 मत प्राप्त हुए ‌। मेलाराम शर्मा ने बताया कि सत्तारूढ़ दल द्वारा जिस तरह से धनबल का प्रयोग करके और पंचायत समिति सदस्यों को डरा धमका कर मात्र एकमत से जीत हासिल की गई यह सत्तारूढ़ दल के लिए शर्म की बात है। 

मेला राम शर्मा ने बताया 11 पंचायत समिति सदस्यों को पिछले 1 सप्ताह के दौरान प्रदेश से बाहर ले जाकर छिपाया गया और उन्हें प्रताड़ित किया गया यह सीधे तौर पर गुंडागर्दी का नंगा नाच था परन्तु सत्तारूढ़ दल का पर्दाफाश उस समय हुआ जब क्षेत्र से गायब किए गए 11 सदस्यों में से मात्र 9 सदस्यों ने सत्तारूढ़ के दल के प्रत्याशी को मत दिए और बाकी सदस्यों ने गुप्त मत के द्वारा भाजपा प्रत्याशी को अपना समर्थन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत समिति सदस्यों के परिजनों के विधायक द्वारा तबादले करके दबाव बनाने की ओछी राजनीति की गई और कुछेक सदस्यों को खरीद-फरोख्त के लालच दिए गए परंतु गायब किए गये कुछेक सदस्यों ने सत्तारूढ़ दल पर उस समय करारा तमाचा जड़ा जब उन्होंने कांग्रेस से प्रत्याशी तेजिंदर कमल को नकार कर भाजपा प्रत्याशी मेला राम शर्मा को अपने वोट दिये।

सरकार होने के बावजूद भी कांग्रेस प्रत्याशी मात्र एक मत की बढ़त से जीत हासिल कर पाए 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद भी कांग्रेस प्रत्याशी मात्र एक मत की बढ़त से जीत हासिल कर पाए और ऐसी स्थिति में भाजपा ने एकमत से हार कर भी सत्तारूढ़ दल के साथ कड़ा मुकाबला किया है। उन्होंने कहा की यदि कांग्रेसी नेताओं द्वारा भाजपा समर्थित सदस्यों को डराया धमकाया ना गया होता तो सत्तारूढ़ दल को आज समाज में मुंह दिखाना मुश्किल होता। मालाराम शर्मा ने उन सभी पंचायत समिति सदस्यों का आभार जताया जिन्होंने सरकार और कांग्रेसी नेताओं की गुंडागर्दी और दबाव के बावजूद भी निष्पक्ष होकर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को अपने मत दिए। उन्होंने पंचायत समिति सदस्यों और भाजपा कार्यकर्ताओं से अपना मनोबल ऊंचा रखने का आह्वान किया और कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद भी मात्र एक मत से हारना भी किसी जीत से कम नहीं।

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