इस पुस्तक के लेखक ने देवत्व रूप में पच्छाद उपमंडल के क्वाग धार की पहाड़ियों पर शिव पार्वती द्वारा महाभारत का कुरुक्षेत्र में युद्ध देखने के दौराम जिन भक्तों ने सेवा की व अपने कुल देवता भूरेश्वर महादेव के रूप में महाभारत काल से आज तक अपने उन्ही कार्यो को निःस्वार्थ रूप से किया उन सभी के वंश का नाम इतिहास में अंकित कर अमर कर दिया इस पुस्तक से भुरेश्वर महादेव के लाखो अनन्य भगतो व शोध के विद्यार्थियों को भुरेश्वर महादेव के प्राचीन इतिहास व उनके कारदारो के क्रियाकलाप की विस्तृत जानकारी मिलेगी।इस मौके पर डॉ0 प्रशांत गौरव प्रोफेसर पंजाब विश्वविद्यालय,डॉ0 बालमुकुंद राष्ट्रीय सचिव राष्ट्रीय इतिहास संकलन समिति, कुल्लू (टिका) राजा दानवेन्द्र ,प्रोफेसर सत प्रकाश बंसल कुलपति केंद्रीय विश्वविद्यालय एवम हिमाचल प्रदेश विश्व विद्यालय सहित कई लोग मौजूद थे।
सराहां 11 जून
डॉ0 मनोज शर्मा जो कि भुरेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी भी है ने सिरमौर के देवता भूरेश्वर महादेव का इतिहास की शोध पुस्तक का संकलन किया है जिसका विमोचन गत 10 जून को अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय सम्मेलन में कुल्लू में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा के अध्यक्ष प्रो ईश्वर चरण विश्वकर्मा एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सतप्रकाश बंसल द्वारा किया गया। इस पुस्तक के मुख्य पृष्ठ पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ,हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड व इंडियन कौंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च द्वारा रिकॉगनॉइज किया गया ।
इस पुस्तक के लेखक ने देवत्व रूप में पच्छाद उपमंडल के क्वाग धार की पहाड़ियों पर शिव पार्वती द्वारा महाभारत का कुरुक्षेत्र में युद्ध देखने के दौराम जिन भक्तों ने सेवा की व अपने कुल देवता भूरेश्वर महादेव के रूप में महाभारत काल से आज तक अपने उन्ही कार्यो को निःस्वार्थ रूप से किया उन सभी के वंश का नाम इतिहास में अंकित कर अमर कर दिया इस पुस्तक से भुरेश्वर महादेव के लाखो अनन्य भगतो व शोध के विद्यार्थियों को भुरेश्वर महादेव की देव परंपराएं एवं प्राचीन इतिहास को जानने का अवसर मिलेगा।।इस मौके पर डॉ0 प्रशांत गौरव प्रोफेसर पंजाब विश्वविद्यालय,डॉ0 बालमुकुंद राष्ट्रीय सचिव राष्ट्रीय इतिहास संकलन समिति, कुल्लू (टिका) राजा दानवेन्द्र सहित कई लोग मौजूद थे।


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