हरिपुरधारू: रनवा गांव के लोगो की प्रदेश सरकार के प्रति रोष, कहा साढ़े तीन किमी दूर नहीं भेजेंगे बच्चे, स्कूल बंद किया तो खटखटाएंगे अदलालत का दरवाजा
रनवा गांव के प्राइमरी स्कूल को बंद करने की आशंकाओं के बीच ग्रामीणों में सरकार के प्रति भारी रोष व्याप्त है। मंगलवार देर शाम को स्कूल के मामले को लेकर ग्रामीणों ने एक आपात बैठक आयोजित की और स्कूल बंद करने के लिए सरकार व शिक्षा विभाग को जमकर कोसा। ग्रामीणों ने बताया कि 1966में खुली इस पाठशाला को यदि बंद किया गया तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
लोगों में काफी रोष
ग्रामीणों ने बताया कि सरकार की और से जो अधिसूचना जारी की गई है उसमे साफ लिखा गया है कि दो किमी से कम दूरी के प्राइमरी स्कूलों को ही बंद किया जाएगा। रनवा स्कूल को यदि बंद किया गया तो यह पाठशाला प्राइमरी स्कूल डसाकना स्कूल में मर्ज हो जाएगी। रनवा से डसाकना की दूरी साढ़े तीन किमी है। रास्ता अत्यंत दुर्गम है और रास्ते में दो खड्ड भी पढ़ते है। ग्रामीणों से साफ साफ कहा की दुर्गम रास्ते होने व दूरी अधिक होने के कारण वह अपने बच्चो को डसाकना भेजने का रिस्क नहीं ले सकते। रास्ते में बड़े बड़े ढाक भी है और ढाक से पत्थर गिरने का भी खतरा रहता है। ग्रामीणों ने शिक्षा उपनिदेशक को पत्र लिखकर मांग की है कि रनवा स्कूल को बंद न किया जाए। साथ ही ग्रामीणों नें चेतावनी दी है कि यदि पाठशाला बंद की गई तो वह अपने बच्चे डसाकना नही भेजेंगे।
लोगो ने दी अदालत में जाने की चतवानी
लोगो ने अदालत में जाने की भी चेतावनी दी है। उधर एसएमसी ने शिक्षा उपनिदेशक को पत्र भेजा है जिसमे पाठशाला को बंद न करने की मांग की है। पंचायत की और से भी उप निदेशक को एक प्रस्ताव भेजा गया है जिनमे डसाकना स्कूल की दूरी अधिक बता कर इस पाठशाला को यथावत रखने की मांग की गई है।
गोपाल भंडारी, विनोद, जगदीश कुमार, यशपाल, तपेंद्र, चंद्र प्रकाश, समीर, दीपक, कपिल व नितेश आदि ग्रामीणों ने बताया कि लोक निर्माण विभाग से उन्होंने दूरी का प्रमाण पत्र लिया है। विभाग ने सड़क मार्ग से रनवा कैंची मोड़ से डसाकना तक की दूरी करीब तीन किमी दर्शाई है। गांव से कैंची मोड़ तक आधा किमी पैदल चलकर जाना पड़ता है।
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