गेहल निवासी अपने विरदारी दाई चारे के लोगों को दिया निमंत्रण, दिवाली के दिन मिलेंगे पजाईक

जिला सिरमौर के प्रसिद्ध तीर्थ स्थान माता भगायनी की गोद में बसा गांव गेहल में हर वर्ष की भाति इस वर्ष  दिवाली पर्व धूम धाम से मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर गांव गेहल निवासी अपने विरदारी दाई चारे के लोगों  को एक नवंबर को आमंत्रित कर रहे है जिसमें की गांव गेहल के लोग जिन्हें पजाईक के नाम से जाने जाता है। गेहल  निवासियों का कहना है कि पुराने इतिहास के अनुसार पजाईक लोगों का उदय कहीं शताब्दी पूर्व राजस्थान के  उदयपुर से शिमला जिला के महलात व ढेकरा से हुआ है तथा उसके बाद भारत के कईं राज्य में बसना शुरू किया ।

आज के समय में यह खानदान हिमाचल व उत्तराखण्ड कही राज्य में बसे हैं। ये लोग हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में हरिपुरधार के गेहल व पोंटा साहिब के शिवा गांव में बसे है तथा जिला शिमला के ढेकरा, बागना, गई, सैरठी, चन्लोग, कटाह, धार छिडी, महेश मुडं, कलाश, गहलट, गुड छैला, के नजदीक में बसे हुए है।  उतराखण्ड राज्य में ये लोग खटावा, चिवा, नागटा, नागदा, पटाला व कई गांव बसे  हुए हैं। 

गांव गेहल में यह सम्मेलन दिवाली के पावन अवसर पर रखा गया है । गांव वासियों का कहना है कि इस सम्मेलन से हमारे भाईचारे को और मजबूत व अपनी सस्कृति को आने वाली पीढ़ी को रूबरू करा सके।

मेहल गांव के युवा नेता यशपाल ठाकुर ने सभी विरदारी पजाईक बिरदारी से आहवान् किया है कि जिन लोगों तक हमारा सम्पर्क नहो पाया वह Social media के माध्यम से भी सूचना मिलन पर भी आप लोग भाईचारे के सम्मेलन में जरूर आएं तथा इस भाईचारे साथ - साथ पूरे पंचायत की दिवाली के इस  निमन्त्रण से गांव की शोभा बढ़ाएं।

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