भाजपा संगड़ाह मंडल इकाई द्वारा रणजीत चौहान को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया


सिरमौर जिला में भारतीय जनता पार्टी के नवगठित मंडलों के अध्यक्षों को चुने की प्रक्रिया में रेणुका चुनाव क्षेत्र के नवगठित भाजपा मंडल संगड़ाह के अध्यक्ष पद के लिए 25 पंचायतों के भाजपा प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने रणजीत सिंह चौहान को सर्वसमिति से अध्यक्ष मनोनीत किया। यद्यपि प्रदेश के सभी मंडलों के अध्यक्षों का अनुमोदन राज्य स्तर पर प्रदेश भाजपा द्वारा गठित कमेटी द्वारा औपचारिक घोषणा 16 दिसंबर को की जानी है परंतु रेणुका चुनाव क्षेत्र के संगड़ाह भाजपा मंडल ने अंततः सहमति से रणजीत सिंह चौहान का नाम फाइनल किया।

 प्रदेश भाजपा द्वारा सिरमौर जिला में सभी नवगठित 12 मंडलों के अध्यक्षो के चयन के लिए जवाली के पूर्व विधायक अर्जुन ठाकुर को जिला पर्यवेक्षक के तौर पर सिरमौर भेजा था और उन्होंने ही संगड़ाह भाजपा मंडल के अध्यक्ष के मनोनयन के बारे में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया । उनके संबोधन के पश्चात संगड़ाह भाजपा मंडल के लिए 9 कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष पद के लिए अपने नामों की दावेदारी प्रस्तुत की और उसके पश्चात क्षेत्र की 25 पंचायत से आए सभी कार्यकर्ताओं के समक्ष आठ दावेदारों ने अपने नाम वापस लेकर सर्व समिति से रणजीत सिंह चौहान को अध्यक्ष पद की कमान होंगी। 

सर्व समिति से पारित प्रस्ताव में सभी दावेदारों ने अपने हस्ताक्षर करके रणजीत सिंह चौहान के पक्ष में सहमति जताई और बाद में 25 पंचायत से आए राज्यकारणीय कार्यकारी सदस्यों, जिला और मंडल पदाधिकारीयों सहित सभी मोर्चो के पदाधिकारीओं और कार्यकर्ताओं ने अपने हस्ताक्षर करके रणजीत सिंह चौहान के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया और उस प्रस्ताव की प्रति शिमला से आए पर्यवेक्षक श्री अर्जुन ठाकुर को सौंप दी । उसके बाद सभी भाजपा कार्यकर्ताओं ने निर्वाचित अध्यक्ष रणजीत सिंह ठाकुर को फूल मालाऐं पहनाकर बधाई दी और मिठाइयां बांटी।

इससे पहले भारत अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष, पंचायत समिति सदस्य व व्यापार मंडल संगड़ाह के अध्यक्ष रह चुके रणजीत चौहान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, संगठन को मजबूत करना, प्रदेश सरकार के संस्थान बंद करने जैसे जनविरोधी फैसलों के खिलाफ लोगों को जागरूक करना व आमामी विधानसभा चुनाव में रेणुकाजी से भाजपा प्रत्याशी को जिताना उनकी प्राथमिकता रहेगी। सुक्खू सरकार द्वारा संगड़ाह में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय सहित हरिपुरधार व गत्ताधार आदि में डीनोटिफाई किए गए इस मंडल के सभी आधा दर्जन संस्थान दोबारा खुलवाने के लिए प्रदेश सरकार पर मंडल इकाई दबाव बनाने की रणनीति भी तैयार करेगी।

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