महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री का नाम फाइनल, देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री

मुंबई: महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री का नाम फाइनल हो चुका है. बीजेपी कोर कमेटी की बैठक में पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस के नाम पर मुहर लग गई है. बीजेपी विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया. इसी सिलसिले में भाजपा विधायक दल की आज बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक महाराष्ट्र विधान भवन में हुई, जिसमें यह घोषणा की गई. बता दें, चंद्रकात पाटील ने फडणवीस के नाम का प्रस्ताव रखा,. वहीं, पंकजा मुंडे ने इसका अनुमोदन किया. बता दें, देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे. गुरुवार शाम वे सीएम पद की शपथ लेंगे. इनके अलावा दो डिप्टी सीएम भी शपथ ग्रहण करेंगे. विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद फडणवीस ने आभार जताया. उन्होंने कहा कि जनादेश चुनने के लिए मैं राज्य की जनता का आभारी हूं.शुरू से ही राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नाम सीएम रेस में सबसे आगे चल रहा था. बैठक में चुने गए भाजपा विधायक दल के नेता राज्यपाल से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया.

बैठक के लिए मंगलवार शाम मुंबई पहुंचे रूपाणी ने देर रात कहा कि पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बातचीत के बाद विधायक दल के नेता का नाम अंतिम रूप दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि सर्वसम्मति होगी तो केवल एक नाम का चयन किया जाएगा. मंगलवार को फडणवीस ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आधिकारिक आवास 'वर्षा' में मुलाकात की, जो पिछले सप्ताह दिल्ली में सरकार गठन के लिए हुई चर्चा के बाद पहली आमने-सामने की मुलाकात थी.

बता दें, राज्य की 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को हुए मतदान में भारतीय जनता पार्टी ने सबसे अधिक 132 सीटें जीती हैं, इसलिए वह सीएम की कुर्सी पर हक जता रही है. वहीं, एकनाथ शिंदे की शिवसेना भी ज्यादा से ज्यादा मांगे मनवाने में जुटी है. बात अजित पवार की एनसीपी की करें तो वह केवल वित्त विभाग और विभागों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है. वहीं, अपने सहयोगियों एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी -के साथ मिलकर महायुति गठबंधन के पास 230 सीटों का बहुमत है.

दोनों के करीब एक घंटे तक बैठक चली, लेकिन अभी खुलासा नहीं हुआ है. वहीं, गुरुवार 5 दिसंबर को आजाद मैदान में शपथ ग्रहण के लिए तैयारियां जोरों पर हो रही हैं. दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा लगभग 2,000 वीवीआईपी और 40,000 समर्थकों के शामिल होने की उम्मीद है.

टिप्पणियाँ