"लक्ष्य संकुल स्तरीय संगठन की महिलाओं ने होली के रंगों का प्राकृतिक तरीके से किया उत्पादन, जो कि शत प्रतिशत ओरगेनिक

सराहा          

 पच्छाद ब्लॉक में आर आई डी डी  के अन्तर्गत चलाए जा रहे डे एन आर एल एम   मिशन के अन्तर्गत आने वाले स्वंय सहायता समूहों से मिलकर बने ब्लॉक स्तर पर "लक्ष्य संकुल स्तरीय संगठन की महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने और आजीविका को बढ़ाने के लिए पहले की है।इस पहल के तहत उन्होंने होली के रंगों का  प्राकृतिक तरीके से उत्पादन किया है जो कि शत प्रतिशत ओरगेनिक है।
 इन होली के रंगों को हिम ईरा की ऑनलाइन वेब साइट पर बेचा जा रहा है।  एन आर एल एम के अन्तर्गत महिलाओं द्वारा बनाए गए सभी लॉकल प्रोडक्टस को Himira.co.in, वेबसाइट पर ऑन लाइन बेचा जा रहा हे। इन महिलाओं द्वारा बनाए गए होली के रंग भी Himira.co.in पर उपलब्ध हैं।पच्छाद में  मिशन एग्जीक्यूटिव (नॉन-फॉर्म) पद पर कार्यरत मेघा गोयल ने बताया कि, उनके स्वयं सहायता  समूह बनने से पहले महिलाएं बेरोजगार थी, जब से ये सभी महिलाएं  एन आर एल एम के स्वयं सहायता समूहों में जुड़ी इन्हें अपनी योग्यता दिखाने का बहुत ही अच्छा प्लेट फार्म मिला । वहीं बीडीओ पच्छाद सुनील दत ने बताया कि इन महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे रंगों से जहां इनका उपयोग करने से किसी को कोई नुकसान नहीं होगा वहीं न केवल वातावरण शुद्ध रहेगा बल्कि इन महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा हे।

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