कॉन्वीजीनियस, STARS, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और समग्र शिक्षा के संयुक्त प्रयास से ददाहू, सिरमौर में निरंतर एवं समग्र मूल्यांकन (CCE) कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 17 सितंबर से 4 अक्टूबर तक लगातार जारी रही और इसमें अलग- अलग ब्लॉक जैसे संगड़ाह व ददाहू से आए शिक्षक सक्रिय रूप से भाग लिया |
इस पहल के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में 33,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का संचालन अनामिका पोरवाल ( मास्टर ट्रेनर) द्वारा, जिला टीम समन्वयक पूरण ठाकुर जो टीम कॉन्वीजीनियस से हैं उनके सहयोग से किया जा रहा है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के बीच दक्षता आधारित मूल्यांकन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के सुझावों को शामिल करना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संपूर्ण हिमाचल प्रदेश में परीक्षाएँ एक समान दृष्टिकोण और समझ के साथ तैयार की जाएँ, ताकि विद्यालय स्तर पर बनाए जाने वाले रचनात्मक मूल्यांकन की गुणवत्ता और कठोरता में वृद्धि की जाए, ताकि वह योगात्मक मूल्यांकन के साथ बेहतर रूप से संरेखित हो सके और आकलन की गुणवत्ता को बढ़ाया जा सके।
कार्यशाला में शिक्षकों को इंटरएक्टिव टूल्स के माध्यम से यह समझाया जा रहा है कि आकलन केवल सीखने के परिणामों को मापने तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों की समग्र प्रगति और विकास में भी सहायक होना चाहिए।
इस 2 दिवसीय कार्यशाला में लगभग 400 शिक्षकों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर, बढ़-चढ़ कर भाग लिया जिसमे जूनियर बेसिक टीचर (JBT), प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक ( टीजीटी ), पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) शामिल रहे और ज्ञान, समझ और अनुप्रयोग ( KUA) के आधार पर प्रभावी प्रश्न पत्र बनाने पर चर्चा कर, समूह में प्रश्न पत्र का निर्माण किया और साथ ही सभी समूह ने प्रस्तुति भी दी |
सत्र के अंतिम दिन में नाहन से DIET समन्वयक एकता जी एवं राजकुमार शर्मा जी ने इस कार्यशाला में आकर सत्र की शोभा बढ़ाई साथ-ही साथ सभी शिक्षकों से उनके अनुभव जाने और प्रोत्साहित किया | मास्टर ट्रैनर अनामिका के ज्ञान की प्रशंसा कर उनके प्रयासों को सराहा |
यह प्रयास हिमाचल प्रदेश में STARS परियोजना के अंतर्गत शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाने और शिक्षकों की क्षमता-विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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